मिनी ट्रक पलटा, गाय की दर्दनाक मौत, लेकिन पुलिस पहुंची अवैध रेत बचाने
शहडोल। बुढ़ार थाना क्षेत्र के पकरिया चौराहा पर बीती रात एक मिनी ट्रक और बस की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिनी ट्रक पलट गया और उसकी चपेट में आई एक गाय का सिर धड़ से अलग हो गया, शरीर के चीथड़े उड़ गए। मंजर देखकर राहगीरों की रूह कांप गई।
लेकिन हादसे के बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए।
अवैध रेत परिवहन पर पर्दा डालने पहुंची पुलिस !
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल चालक या मृत मवेशी की सुध लेने के बजाय पलटे हुए मिनी ट्रक को सीधा कराया और रफूचक्कर कर दिया। सूत्रों का कहना है कि यह डग्गी अवैध रेत से लदी थी जो प्रकाश यादव की बताई जा रही है। पुलिस ने बस और रेत लदे ट्रक दोनों को बिना जांच-पड़ताल के जाने दिया।
रेत माफिया और खाकी की ‘साझेदारी’?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बुढ़ार में अवैध रेत उत्खन पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से बेरोकटोक चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि जरवाही के बटली घाट में शाम ढलते ही रेत खनन शुरू हो जाता है, जो सुबह 10 बजे तक चलता है। सोन नदी के बटली घाट और कसेड़ से दर्जनों गाड़ियों में रेत भरने के लिए सैकड़ों मजदूर तैनात रहते हैं। रैकी के लिए जगह-जगह “निगरानी दल” भी बैठाए गए हैं।
सिस्टम में कौन-कौन?
अवैध रेत कारोबार में जरवाही से बुढ़ार तक रेत चोरों का पूरा सिंडिकेट सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार मुन्ना, प्रकाश, सोनू, आनंद जैसे नाम पूरी रात रेत चोरी करवाते हैं। और “देशभक्ति जन सेवा” का चोला पहने चौबे जी हर ट्रिप का हिसाब रखते हैं—पहले अपना कमीशन काटते हैं, फिर बाकी ‘साहब’ तक पहुंचा देते हैं।
पकरिया चौराहे का यह हादसा महज दुर्घटना नहीं, बल्कि अवैध रेत कारोबार और पुलिस की मिलीभगत का जीता जागता उदाहरण है।
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